पुणे / नवी दिल्ली – कर्मचारी भविष्य निर्वाह निधी संघटनेच्या (EPFO) अनिवार्य वेतन मर्यादेत ₹15,000 वरून ₹25,000 प्रतिमहिना वाढ करण्यास केंद्रीय मंत्रिमंडळाने मंजुरी दिल्याच्या निर्णयाचे अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघाने (संलग्न : भारतीय मजदूर संघ) स्वागत केले आहे. या निर्णयामुळे सुमारे 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFOच्या सामाजिक सुरक्षा कक्षेत येण्याची अपेक्षा असून, ठेका व कंत्राटी कामगारांसह मोठ्या संख्येने कर्मचाऱ्यांना भविष्य निर्वाह निधी, पेन्शन व विमा संरक्षणाचा लाभ मिळण्याचा मार्ग मोकळा झाला आहे.
या निर्णयाचे स्वागत करताना अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघाचे सरचिटणीस सचिन निळकंठ मेंगाळे यांनी म्हटले की, “केंद्र सरकारचा हा निर्णय देशातील कामगारांच्या सामाजिक सुरक्षेच्या दृष्टीने अत्यंत महत्त्वपूर्ण आहे. EPFOची वेतन मर्यादा ₹25,000 पर्यंत वाढल्यामुळे ₹15,000 ते ₹25,000 या वेतन श्रेणीतील अनेक कामगारांना सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थेचा अधिक व्यापक लाभ मिळणार आहे. विशेषतः कंत्राटी व ठेका कामगारांसाठी हा निर्णय मोठा दिलासा देणारा आहे.”
कामगार संघटनांच्या सातत्यपूर्ण पाठपुराव्याला यश
भारतीय मजदूर संघ (BMS) आणि अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ हे देशातील कंत्राटी व ठेका कामगारांना सामाजिक सुरक्षा, योग्य वेतन, भविष्य निर्वाह निधी, पेन्शन, विमा संरक्षण तसेच इतर कामगार हक्क मिळावेत यासाठी सातत्याने पाठपुरावा करीत आहेत.
EPFOच्या वेतन मर्यादेत वाढ करण्याची मागणी ही कामगार संघटनांकडून दीर्घकाळापासून करण्यात येत होती. EPFOच्या संबंधित समितीच्या चर्चांमध्येही ₹25,000 वेतन मर्यादा करण्याची गरज नोंदविण्यात आली होती.
या पार्श्वभूमीवर केंद्र सरकारचा सद्य निर्णय हा सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थेचा विस्तार करण्याच्या दृष्टीने महत्त्वपूर्ण टप्पा असल्याचे महासंघाने म्हटले आहे.
निर्णयाचे प्रमुख फायदे
* EPFO वेतन मर्यादेत वाढ : अनिवार्य EPFO कव्हरेजसाठीची मासिक वेतन मर्यादा ₹15,000 वरून ₹25,000 करण्यात आली आहे.
* 51 लाख अतिरिक्त कर्मचाऱ्यांना लाभ : या निर्णयामुळे सुमारे 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFOच्या कक्षेत येण्याची अपेक्षा आहे.
* सामाजिक सुरक्षेचा विस्तार : पात्र कर्मचाऱ्यांना EPFबरोबरच लागू नियमांनुसार EPS आणि EDLIशी संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध होतील.
* निवृत्तीची आर्थिक सुरक्षा : EPF व पेन्शनमधील सहभागाचा विस्तार झाल्यामुळे पात्र कामगारांच्या दीर्घकालीन सामाजिक सुरक्षेला बळकटी मिळणार आहे.
* कंत्राटी कामगारांना विशेष फायदा : कंत्राटी कामगार हे मोठ्या प्रमाणावर ₹15,000 ते ₹25,000 या वेतन श्रेणीत कार्यरत असल्याने या वर्गाला या विस्ताराचा महत्त्वपूर्ण लाभ होण्याची अपेक्षा आहे.
महासंघाने केंद्र सरकारच्या या निर्णयाचे स्वागत करून कंत्राटी व ठेका कामगारांच्या सामाजिक सुरक्षेचा विस्तार, समान कामासाठी समान वेतन, कंत्राटी कामगारांचे नियमितीकरण, PF व ESIची प्रभावी अंमलबजावणी आणि कामगार कायद्यांचे काटेकोर पालन यासाठीचा आपला संघर्ष यापुढेही सुरू ठेवण्याचा निर्धार व्यक्त केला आहे.
“देशाच्या विकासात महत्त्वपूर्ण योगदान देणाऱ्या कंत्राटी व ठेका कामगारांना सामाजिक आणि आर्थिक सुरक्षा मिळणे ही काळाची गरज आहे. केंद्र सरकारने घेतलेल्या या निर्णयाची देशभरात प्रभावी व पारदर्शक अंमलबजावणी होणे आवश्यक आहे,” असे सचिन निळकंठ मेंगाळे यांनी सांगितले.
अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघाने केंद्र सरकारचे आभार मानून या निर्णयाचे स्वागत केले आहे.
मा संपादक
महोदय उपरोक्त वृत्त आपल्या लोकप्रिय वृत्तपत्रात प्रसिद्ध करण्यात यावे ही विनंती
आपला
— सचिन निळकंठ मेंगाळे
सरचिटणीस
अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ
(संलग्न : भारतीय मजदूर संघ)
EPFO वेतन सीमा ₹25,000 करने के केंद्र सरकार के निर्णय का अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ ने किया स्वागत
ठेका एवं संविदा श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा को मिलेगा व्यापक विस्तार; 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ की संभावना
पुणे/नई दिल्ली, 16 सितंबर 2026 :
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के अनिवार्य कवरेज के लिए निर्धारित वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह किए जाने के केंद्रीय मंत्रिमंडल के निर्णय का अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ (सम्बद्ध : भारतीय मजदूर संघ) ने स्वागत किया है।
महासंघ के अनुसार, इस निर्णय से लगभग 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFO की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आने की संभावना है। इससे ठेका एवं संविदा श्रमिकों सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों को भविष्य निधि, पेंशन तथा बीमा संबंधी सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा।
इस निर्णय का स्वागत करते हुए अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ के महासचिव श्री सचिन निळकंठ मेंगाळे ने कहा, “केंद्र सरकार का यह निर्णय देश के श्रमिक वर्ग की सामाजिक सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। EPFO की वेतन सीमा ₹25,000 तक किए जाने से ₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन प्राप्त करने वाले अनेक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आने का अवसर मिलेगा। विशेष रूप से ठेका एवं संविदा श्रमिकों के लिए यह निर्णय महत्वपूर्ण राहत प्रदान करने वाला है।”
कामगार संगठनों के निरंतर प्रयासों को मिली सफलता
भारतीय मजदूर संघ (BMS) एवं अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ द्वारा देशभर के ठेका एवं संविदा श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, उचित वेतन, भविष्य निधि, पेंशन, बीमा तथा अन्य श्रमिक अधिकार उपलब्ध कराने के लिए लंबे समय से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
EPFO की वेतन सीमा में वृद्धि की मांग भी श्रमिक संगठनों द्वारा लगातार उठाई जाती रही है। इस संबंध में केंद्र सरकार एवं संबंधित स्तरों पर ज्ञापन, चर्चा तथा विभिन्न माध्यमों से निरंतर प्रयास किए गए।
महासंघ ने कहा कि केंद्र सरकार का वर्तमान निर्णय देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा व्यापक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
निर्णय के प्रमुख लाभ
• EPFO वेतन सीमा में वृद्धि : अनिवार्य EPFO कवरेज के लिए निर्धारित मासिक वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 की गई है।
• 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को संभावित लाभ : इस निर्णय से लगभग 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आने की संभावना है।
• सामाजिक सुरक्षा का विस्तार : पात्र कर्मचारियों को लागू नियमों के अनुसार EPF के साथ EPS एवं EDLI से संबंधित सामाजिक सुरक्षा लाभ प्राप्त होंगे।
• भविष्य एवं सेवानिवृत्ति की सुरक्षा : EPF एवं पेंशन व्यवस्था में अधिक कर्मचारियों के शामिल होने से उनकी दीर्घकालीन सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।
• ठेका एवं संविदा श्रमिकों को राहत : ₹15,000 से ₹25,000 तक वेतन प्राप्त करने वाले पात्र ठेका एवं संविदा श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा का दायरा व्यापक होने की संभावना है।
महासंघ ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि ठेका एवं संविदा श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा का विस्तार, समान कार्य के लिए समान वेतन, ठेका श्रमिकों के हितों का संरक्षण, PF एवं ESI की प्रभावी एवं पारदर्शी व्यवस्था तथा श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए महासंघ का प्रयास आगे भी जारी रहेगा।
श्री सचिन निळकंठ मेंगाळे ने कहा, “देश के आर्थिक एवं औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले ठेका एवं संविदा श्रमिकों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना समय की आवश्यकता है। केंद्र सरकार द्वारा लिए गए इस निर्णय का देशभर में प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।”
अखिल भारतीय ठेका मजदूर महासंघ ने केंद्र सरकार के इस निर्णय के लिए आभार व्यक्त करते हुए इसे श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताया है।
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